गीडा में फंस गए जमीन खरीदकर फैक्ट्री न लगाने वाले, नियम के पेंच से अटके करोड़ों
गोरखपुर
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में आवंटित जमीन पर बिना फैक्ट्री स्थापित किये बिक्री पर लगी रोक का असर दिखने लगा है। गीडा के नये निमय के पेच से सेक्टर 15 के करीब 100 धंधेबाज आवंटी परेशान हैं। इन आवंटियों को सात साल में भी फैक्ट्री लगाने की फुर्सत नहीं मिली है। 31 मार्च तक इन जमीन पर फैक्ट्री स्थापित नहीं हुई तो गीडा इनका आवंटन निरस्त कर देगा।
गीडा में जमीनों की खरीद-फरोख्त से कुछ कर्मचारी नहीं, कई आवंटी भी मालामाल हुए हैं। गीडा में आवंटित प्लाट में से अभी भी बमुश्किल 60 फीसदी जमीन पर ही फैक्ट्री लगी है। इन्हीं दुश्वारियों को देखते हुए चेम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज ने गीडा बोर्ड बैठक में बिना फैक्ट्री स्थापित किये जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक की मांग की थी। इसके बाद पिछले साल गीडा बोर्ड बैठक में आवंटित जमीन पर तीन साल फैक्ट्री संचालित करने के बाद ही बेचने की शर्त का नियम बना दिया। ऐसे आवंटियों को बीते वर्ष सितम्बर तक जमीन के ट्रांसफर या अन्य औपचारिकता के लिए समय दिया गया था। इसके बाद कईयों ने इसका लाभ भी उठाया लेकिन अभी भी तमाम आवंटी फंसे हुए हैं।
31 मार्च तक फैक्ट्री नहीं स्थापित हुई तो रद्द होगा आवंटन
गीडा ने सेक्टर 15 में 255 लोगों को वर्ष 2014 में प्लाट का आवंटन किया था। इनमें से 55 लोगों को ऐसी जमीन का आवंटन कर दिया गया जिनका कब्जा ही गीडा ने किसानों से नहीं किया था। इसमें से कई लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए। जिनका मामला लंबित है। वहीं दर्जन भर लोगों को गीडा ने दूसरी योजना में जमीन दे दी। गैर विवादित 200 प्लाट में से बमुश्किल 100 पर ही फैक्ट्री स्थापित हुई या फिर निर्माण कार्य चल रहा है। करीब 100 आवंटियों ने प्लाट पर एक ईंट भी नहीं रखा है।

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